महाभारत 7.139.26
तथार्जुनं रणे कर्णो विजेष्यति महारथःभीमसेनमहं चापि युद्धे जेष्यामि दंशितः
tathārjunaṃ raṇe karṇo vijeṣyati mahārathaḥbhīmasenamahaṃ cāpi yuddhe jeṣyāmi daṃśitaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें