महाभारत 7.141.56
ततो भीमो हतं मत्वा तव पुत्रं महारथम्सिंहनादं महच्चक्रे तर्जयन्निव कौरवान्
tato bhīmo hataṃ matvā tava putraṃ mahārathamsiṃhanādaṃ mahaccakre tarjayanniva kauravān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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