महाभारत 7.142.32ततः सा महती सेना प्राद्रवन्निशि भारतवध्यमाना शरशतैः शल्येनाहवशोभिनाtataḥ sā mahatī senā prādravanniśi bhāratavadhyamānā śaraśataiḥ śalyenāhavaśobhināइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें