महाभारत 7.145.62जहि कृष्णौ महाबाहो धर्मराजं च मातुलनकुलं सहदेवं च भीमसेनं च भारतjahi kṛṣṇau mahābāho dharmarājaṃ ca mātulanakulaṃ sahadevaṃ ca bhīmasenaṃ ca bhārataइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें