महाभारत 7.146.39
तद्बलं भरतश्रेष्ठ वध्यमानं तथा निशिप्रदुद्राव दिशः सर्वा वीक्षमाणं भयार्दितम्
tadbalaṃ bharataśreṣṭha vadhyamānaṃ tathā niśipradudrāva diśaḥ sarvā vīkṣamāṇaṃ bhayārditam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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