महाभारत 7.149.16
तिलशस्तस्य तद्यानं सूतं सर्वायुधानि चघटोत्कचः प्रचिच्छेद प्राणदच्चातिदारुणम्
tilaśastasya tadyānaṃ sūtaṃ sarvāyudhāni caghaṭotkacaḥ praciccheda prāṇadaccātidāruṇam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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