महाभारत 7.156.30
न विषादस्त्वया कार्यः कर्णं वैकर्तनं प्रतिउपदेक्ष्याम्युपायं ते येन तं प्रसहिष्यसि
na viṣādastvayā kāryaḥ karṇaṃ vaikartanaṃ pratiupadekṣyāmyupāyaṃ te yena taṃ prasahiṣyasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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