महाभारत 7.157.30
ततः कृष्णं महाबाहुः सात्यकिः सत्यविक्रमःपप्रच्छ रथशार्दूल कर्णं प्रति महारथम्
tataḥ kṛṣṇaṃ mahābāhuḥ sātyakiḥ satyavikramaḥpapraccha rathaśārdūla karṇaṃ prati mahāratham
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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