महाभारत 7.159.11
ततः प्रववृते युद्धं श्रान्तवाहनसैनिकम्पाण्डवानां कुरूणां च गर्जतामितरेतरम्
tataḥ pravavṛte yuddhaṃ śrāntavāhanasainikampāṇḍavānāṃ kurūṇāṃ ca garjatāmitaretaram
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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