महाभारत 7.159.46
ततो मुहूर्ताद्भुवनं ज्योतिर्भूतमिवाभवत्अप्रख्यमप्रकाशं च जगामाशु तमस्तथा
tato muhūrtādbhuvanaṃ jyotirbhūtamivābhavataprakhyamaprakāśaṃ ca jagāmāśu tamastathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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