महाभारत 7.162.13
उद्यतप्रतिपिष्टानां खड्गानां वीरबाहुभिःस एव शब्दस्तद्रूपो वाससां निज्यतामिव
udyatapratipiṣṭānāṃ khaḍgānāṃ vīrabāhubhiḥsa eva śabdastadrūpo vāsasāṃ nijyatāmiva
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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