महाभारत 7.162.39
न नूनं देहभेदोऽस्ति काले तस्मिन्समागतेयत्र सर्वे न युगपद्व्यशीर्यन्त महारथाः
na nūnaṃ dehabhedo'sti kāle tasminsamāgateyatra sarve na yugapadvyaśīryanta mahārathāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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