महाभारत 7.165.70
रजस्वला वेपमाना वीक्षमाणा दिशो दशअश्रुकण्ठा यथा दैत्या हिरण्याक्षे पुरा हते
rajasvalā vepamānā vīkṣamāṇā diśo daśaaśrukaṇṭhā yathā daityā hiraṇyākṣe purā hate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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