महाभारत 7.165.96
ततः शारद्वतं राजा सव्रीडमिदमब्रवीत्शंसेह सर्वं भद्रं ते यथा सैन्यमिदं द्रुतम्
tataḥ śāradvataṃ rājā savrīḍamidamabravītśaṃseha sarvaṃ bhadraṃ te yathā sainyamidaṃ drutam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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