महाभारत 7.17.2
ते किरीटिनमायान्तं दृष्ट्वा हर्षेण मारिषउदक्रोशन्नरव्याघ्राः शब्देन महता तदा
te kirīṭinamāyāntaṃ dṛṣṭvā harṣeṇa māriṣaudakrośannaravyāghrāḥ śabdena mahatā tadā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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