Loading
महाभारत 7.170.41
निक्षेप्स्यन्ति च शस्त्राणि वाहनेभ्योऽवरुह्य येतान्नैतदस्त्रं संग्रामे निहनिष्यति मानवान्
nikṣepsyanti ca śastrāṇi vāhanebhyo'varuhya yetānnaitadastraṃ saṃgrāme nihaniṣyati mānavān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें