महाभारत 7.173.63
ततः प्रसादयामासुरुमां रुद्रं च ते सुराःअभवच्च पुनर्बाहुर्यथाप्रकृति वज्रिणः
tataḥ prasādayāmāsurumāṃ rudraṃ ca te surāḥabhavacca punarbāhuryathāprakṛti vajriṇaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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