महाभारत 7.173.76
एष चैव श्मशानेषु देवो वसति नित्यशःयजन्त्येनं जनास्तत्र वीरस्थान इतीश्वरम्
eṣa caiva śmaśāneṣu devo vasati nityaśaḥyajantyenaṃ janāstatra vīrasthāna itīśvaram
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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