महाभारत 7.20.38
तं दहन्तमनीकानि रथोदारं कृतान्तवत्सर्वतोऽभ्यद्रवन्द्रोणं कुन्तीपुत्रपुरोगमाः
taṃ dahantamanīkāni rathodāraṃ kṛtāntavatsarvato'bhyadravandroṇaṃ kuntīputrapurogamāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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