महाभारत 7.20.39
तांस्तु शूरान्महेष्वासांस्तावकाभ्युद्यतायुधाःराजानो राजपुत्राश्च समन्तात्पर्यवारयन्
tāṃstu śūrānmaheṣvāsāṃstāvakābhyudyatāyudhāḥrājāno rājaputrāśca samantātparyavārayan
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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