महाभारत 7.21.9कौरवाः सिंहनादेन नानावाद्यस्वनेन चरथद्विपनराश्वैश्च सर्वतः पर्यवारयन्kauravāḥ siṃhanādena nānāvādyasvanena carathadvipanarāśvaiśca sarvataḥ paryavārayanइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें