महाभारत 7.22.3
दर्शनीयास्तु काम्बोजाः शुकपत्रपरिच्छदाःवहन्तो नकुलं शीघ्रं तावकानभिदुद्रुवुः
darśanīyāstu kāmbojāḥ śukapatraparicchadāḥvahanto nakulaṃ śīghraṃ tāvakānabhidudruvuḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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