महाभारत 7.22.42
ये तु पुष्करनालस्य समवर्णा हयोत्तमाःजवे श्येनसमाश्चित्राः सुदामानमुदावहन्
ye tu puṣkaranālasya samavarṇā hayottamāḥjave śyenasamāścitrāḥ sudāmānamudāvahan
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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