महाभारत 7.24.2
तैश्चोद्धूतं रजस्तीव्रमवचक्रे चमूं तवततो हतममन्याम द्रोणं दृष्टिपथे हते
taiścoddhūtaṃ rajastīvramavacakre camūṃ tavatato hatamamanyāma droṇaṃ dṛṣṭipathe hate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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