महाभारत 7.24.61
इदं घोरमिदं चित्रमिदं रौद्रमिति प्रभोतत्र युद्धान्यदृश्यन्त प्रततानि बहूनि च
idaṃ ghoramidaṃ citramidaṃ raudramiti prabhotatra yuddhānyadṛśyanta pratatāni bahūni ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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