महाभारत 7.28.4
अथ कार्ष्णायसैर्बाणैः पूर्णकार्मुकनिःसृतैःअविध्यद्देवकीपुत्रं हेमपुङ्खैः शिलाशितैः
atha kārṣṇāyasairbāṇaiḥ pūrṇakārmukaniḥsṛtaiḥavidhyaddevakīputraṃ hemapuṅkhaiḥ śilāśitaiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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