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महाभारत 7.3.12
बुद्ध्या विशुद्धया युक्तो यः कुरूंस्तारयेद्भयात्योधांस्त्वमप्लवे हित्वा पितृलोकं गमिष्यसि
buddhyā viśuddhayā yukto yaḥ kurūṃstārayedbhayātyodhāṃstvamaplave hitvā pitṛlokaṃ gamiṣyasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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