महाभारत 7.3.15
अद्य गाण्डीवमुक्तानामशनीनामिव स्वनःत्रासयिष्यति संग्रामे कुरूनन्यांश्च पार्थिवान्
adya gāṇḍīvamuktānāmaśanīnāmiva svanaḥtrāsayiṣyati saṃgrāme kurūnanyāṃśca pārthivān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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