महाभारत 7.3.17येन येन प्रसरतो वाय्वग्नी सहितौ वनेतेन तेन प्रदहतो भगवन्तौ यदिच्छतःyena yena prasarato vāyvagnī sahitau vanetena tena pradahato bhagavantau yadicchataḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें