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महाभारत 7.3.18
यादृशोऽग्निः समिद्धो हि तादृक्पार्थो न संशयःयथा वायुर्नरव्याघ्र तथा कृष्णो न संशयः
yādṛśo'gniḥ samiddho hi tādṛkpārtho na saṃśayaḥyathā vāyurnaravyāghra tathā kṛṣṇo na saṃśayaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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