महाभारत 7.31.18
गृध्रपत्राधिवासांसि शयनानि नराधिपाःह्रीमन्तः कालसंपक्वाः सुदुःखान्यधिशेरते
gṛdhrapatrādhivāsāṃsi śayanāni narādhipāḥhrīmantaḥ kālasaṃpakvāḥ suduḥkhānyadhiśerate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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