महाभारत 7.31.61
ततो भीमः समुत्पत्य स्वरथाद्वैनतेयवत्वरासिना कर्णपक्षाञ्जघान दश पञ्च च
tato bhīmaḥ samutpatya svarathādvainateyavatvarāsinā karṇapakṣāñjaghāna daśa pañca ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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