महाभारत 7.32.10
ससुरासुरगन्धर्वाः सयक्षोरगराक्षसाःनालं लोका रणे जेतुं पाल्यमानं किरीटिना
sasurāsuragandharvāḥ sayakṣoragarākṣasāḥnālaṃ lokā raṇe jetuṃ pālyamānaṃ kirīṭinā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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