महाभारत 7.33.14
रक्ताम्बरधराः सर्वे सर्वे रक्तविभूषणाःसर्वे रक्तपताकाश्च सर्वे वै हेममालिनः
raktāmbaradharāḥ sarve sarve raktavibhūṣaṇāḥsarve raktapatākāśca sarve vai hemamālinaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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