महाभारत 7.48.39
वयं तु प्रवरं हत्वा तेषां तैः शरपीडिताःनिवेशायाभ्युपायाम सायाह्ने रुधिरोक्षिताः
vayaṃ tu pravaraṃ hatvā teṣāṃ taiḥ śarapīḍitāḥniveśāyābhyupāyāma sāyāhne rudhirokṣitāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें