महाभारत 7.5.38
ततो वादित्रघोषेण सह पुंसां महास्वनैःप्रादुरासीत्कृते द्रोणे हर्षः सेनापतौ तदा
tato vāditraghoṣeṇa saha puṃsāṃ mahāsvanaiḥprādurāsītkṛte droṇe harṣaḥ senāpatau tadā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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