महाभारत 7.50.69
एतांस्त्वं वचसा साम्ना समाश्वासय मानदविदितं वेदितव्यं ते न शोकं कर्तुमर्हसि
etāṃstvaṃ vacasā sāmnā samāśvāsaya mānadaviditaṃ veditavyaṃ te na śokaṃ kartumarhasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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