महाभारत 7.54.9
अथ कृष्णं महाबाहुरब्रवीत्पाकशासनिःआश्वासय सुभद्रां त्वं भगिनीं स्नुषया सह
atha kṛṣṇaṃ mahābāhurabravītpākaśāsaniḥāśvāsaya subhadrāṃ tvaṃ bhaginīṃ snuṣayā saha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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