महाभारत 7.56.11
भ्रातरश्चापि विक्रान्ता बहुलानि बलानि चधृतराष्ट्रस्य पुत्रेण सर्वं तस्मै निवेदितम्
bhrātaraścāpi vikrāntā bahulāni balāni cadhṛtarāṣṭrasya putreṇa sarvaṃ tasmai niveditam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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