महाभारत 7.56.2
ततो माल्येन विधिवल्लाजैर्गन्धैः सुमङ्गलैःअलंचकार तां शय्यां परिवार्यायुधोत्तमैः
tato mālyena vidhivallājairgandhaiḥ sumaṅgalaiḥalaṃcakāra tāṃ śayyāṃ parivāryāyudhottamaiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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