महाभारत 7.6.5
तेषां प्रपक्षाः काम्बोजाः सुदक्षिणपुरःसराःययुरश्वैर्महावेगैः शकाश्च यवनैः सह
teṣāṃ prapakṣāḥ kāmbojāḥ sudakṣiṇapuraḥsarāḥyayuraśvairmahāvegaiḥ śakāśca yavanaiḥ saha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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