महाभारत 7.62.17
यत्पुनर्युद्धकाले त्वं पुत्रान्गर्हयसे नृपबहुधा व्याहरन्दोषान्न तदद्योपपद्यते
yatpunaryuddhakāle tvaṃ putrāngarhayase nṛpabahudhā vyāharandoṣānna tadadyopapadyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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