महाभारत 7.63.18
मत्तानामधिरूढानां हस्त्यारोहैर्विशारदैःनागानां भीमरूपाणां वर्मिणां रौद्रकर्मिणाम्
mattānāmadhirūḍhānāṃ hastyārohairviśāradaiḥnāgānāṃ bhīmarūpāṇāṃ varmiṇāṃ raudrakarmiṇām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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