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महाभारत 7.64.46
सबाणवर्माभरणाः सगदाः साङ्गदा रणेमहाभुजगसंकाशा बाहवः परिघोपमाः
sabāṇavarmābharaṇāḥ sagadāḥ sāṅgadā raṇemahābhujagasaṃkāśā bāhavaḥ parighopamāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंसबाणवर्माभरणाः सगदाः साङ्गदा रणेमहाभुजगसंकाशा बाहवः परिघोपमाः
sabāṇavarmābharaṇāḥ sagadāḥ sāṅgadā raṇemahābhujagasaṃkāśā bāhavaḥ parighopamāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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