महाभारत 7.66.41गाहमानमनीकानि मातङ्गमिव यूथपम्महेष्वासं पराक्रान्तं नरव्याघ्रमवारयन्gāhamānamanīkāni mātaṅgamiva yūthapammaheṣvāsaṃ parākrāntaṃ naravyāghramavārayanइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें