महाभारत 7.70.24
कालः संग्रसते योधान्धृष्टद्युम्नेन मोहितान्संग्रामे तुमुले तस्मिन्निति संमेनिरे जनाः
kālaḥ saṃgrasate yodhāndhṛṣṭadyumnena mohitānsaṃgrāme tumule tasminniti saṃmenire janāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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