महाभारत 7.70.36
विन्दानुविन्दावावन्त्यौ क्षेमधूर्तिश्च वीर्यवान्त्रयाणां तव पुत्राणां त्रय एवानुयायिनः
vindānuvindāvāvantyau kṣemadhūrtiśca vīryavāntrayāṇāṃ tava putrāṇāṃ traya evānuyāyinaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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