महाभारत 7.72.5
संक्षये तु तथा भूते वर्तमाने महाभयेद्वंद्वीभूतेषु सैन्येषु युध्यमानेष्वभीतवत्
saṃkṣaye tu tathā bhūte vartamāne mahābhayedvaṃdvībhūteṣu sainyeṣu yudhyamāneṣvabhītavat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें