महाभारत 7.73.39
तुतोषास्त्रविदां श्रेष्ठस्तथा देवाः सवासवाःन तामालक्षयामासुर्लघुतां शीघ्रकारिणः
tutoṣāstravidāṃ śreṣṭhastathā devāḥ savāsavāḥna tāmālakṣayāmāsurlaghutāṃ śīghrakāriṇaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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