महाभारत 7.74.19
तावर्जुनो महाराज नवभिर्नतपर्वभिःआजघान रणे क्रुद्धो मर्मज्ञो मर्मभेदिभिः
tāvarjuno mahārāja navabhirnataparvabhiḥājaghāna raṇe kruddho marmajño marmabhedibhiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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